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तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम तथा केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्था की बैठक आयोजित

तेजस्विनी कार्यक्रम अंतर्गत गठित फेडरेशन की महिलाओं द्वारा कृषि कार्य में की जा रही कड़ी मेहनत में कमी लाने तथा उन्हें उन्नत कृषि की ओर ले जाने के उद्देश्य से दिनांक 27 सितंबर 2016 को तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम तथा केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्था नवीबाग भोपाल के प्रबंध संचालक, वैज्ञानिकों व अधिकारियों की बैठक आहुत की गई। बैठक में प्रबंध संचालक, महिला वित्त एवं विकास निगम एवं आयुक्त, संचालनालय महिला सशक्तिकरण श्रीमती जयश्री कियावत, उपकार्यक्रम निदेशक श्री एम के चतुर्वेदी, महाप्रबंधक श्री ए एस भाल, प्रबंधक संचार श्रीमती सीमा रघुवंशी, प्रबंधक आजीविका श्री राजेश पाटिल तथा कृषि अभियांत्रिकी केंद्र संस्था के प्रबंध संचालक श्री के के सिंह, वैज्ञानिक डॉ गीते, डॉ नचिकेत कोतवालीवाले, डॉ तिवारी, डॉ के पी सिंह, डॉ बालाजी व डॉ महापात्रा तथा अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में संस्था द्वारा कृषि कार्यों के लिए विकसित मशीनों तथा तकनीकों को तेजस्विनी कार्यक्रम की महिला कृषकों तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा की गई। प्रबंध संचालक, महिला वित्त एवं विकास निगम एवं आयुक्त, संचालनालय महिला सशक्तिकरण श्रीमती जयश्री कियावत द्वारा संस्था में तैयार महिला उपयोगी संयंत्रों का अवलोकन भी किया गया। केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्था द्वारा कोदो-कुटकी माइनर मिलेट के लिए तैयार की गई मशीनों को डिंडौरी जिले के मेहदवानी विकासखंड में चल रहे कोदो-कुटकी प्रोसेसिंग ईकाई हेतु लिए जाने पर विचार किया गया। बैठक में केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्था के वैज्ञानिकों के एक दल को डिंडौरी मंडला जिले में चल रही कोदो-कुटकी प्रोसेसिंग संयंत्र के भ्रमण व वहां के किसानों को प्रशिक्षित करने हेतु दोनों विभागों द्वारा सहमति व्यक्त की गई। तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम तथा केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्था की बैठक आयोजित

तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का विस्तार

मध्यप्रदेश सरकार एवं आईफेड के सहयोग से संचालित तेजस्विनी योजना अब संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू होगी। तेजस्विनी योजना अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) के वित्तीय सहयोग से फिलहाल प्रदेश के छह जिलों पन्ना, बालाघाट, टीकमगढ़, डिंडौरी, छतरपुर और मंडला में संचालित की जा रही है। इन छह जिलों में योजना की सफलता को देखते हुए अब इसे पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा। तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम को पूरे प्रदेश में संचालित करने हेतु मध्यप्रदेश के दृष्टिपत्र में निर्देश दिए गए हैं। तदनुसार द्वितीय चरण के लिए राज्य शासन की ओर से उन जिलों में जहाँ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्य नहीं कर रहा है यथा - खरगौन, खंडवा, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर तथा उज्जैन जिलों में 632 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। तेजस्विनी  ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का विस्तार

आईफेड फॉलोअप मिशन का मध्यप्रदेश भ्रमण

दिनांक 29 अगस्त से 2 सितम्बर 2016 तक आईफेड फॉलोअप मिशन द्वरा तेजस्विनी कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई । मिशन दल में, रोम से आइफेड की कंट्री डायरेक्टर सुश्री राशा ओमर, भारत से कंट्री कोऑर्डिनेटर सुश्री मीरा मिश्रा एवं वित्त प्रबंधक सलाहकार श्री प्रतुल दुबे शामिल थे। 28 अगस्त को दल का भोपाल आगमन हुआ तथा 29 अगस्त 2016 को आईफेड दल ने महिला वित्त एवं विकास निगम में राज्य ईकाई एवं छह जिलों के प्रबंधकों के साथ बैठक की। इस दौरान प्रबंध संचालक महिला वित्त एवं विकास निगम तथा आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती जयश्री कियावत ने वीडियो कॉंफ्रेसिंग का शुभारंभ करते हुए बालाघाट जिले में फेडरेशन की महिलाओं से बात की। बैठक में उपकार्यक्रम प्रबंधक श्री एम के चतुर्वेदी ने तेजस्विनी कार्यक्रम की प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें बैंक लिंकेज को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। आईफेड दल के सदस्यों ने बैंक लिंकेज को लेकर तेजस्विनी जिलों में शीघ्र ही बैंक अधिकारियों से मिलने की योजना बनाई है। महिलाओं के कठिन श्रम में कमी करने को लेकर हुई चर्चा के दौरान नल-जल योजना पर बात हुई। बैठक के दूसरे सत्र में स्व सहायता समूह की महिलाओं को आजीविका उपलब्ध कराने हेतु तेजस्विनी द्वारा तैयार सब्जी उत्पादन , बकरी पालन एवं डेयरी संबंधी प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी के साथ तेजस्विनी कार्यक्रम को पूरे मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए भी प्रस्ताव पर चर्चा की गई । दिनांक 31 अगस्त को आईफेड कंट्री हेड सुश्री राशा ओमर एवं प्रबंध संचालक श्रीमती जयश्री कियावत द्वारा डिंडोरी जिले के मेहदवानी ब्लाक में नारी महिला चेतना संघ द्वारा संचालित कोदो-कुटकी फसल एवं प्रोसेसिंग यूनिट का अवलोकन किया गया। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों द्वारा संचालित कार्यक्रमों पर प्रेजेंटेशन दिया गया। सुश्री राशा ओमर एवं प्रबंध संचालक श्रीमती जयश्री कियावत द्वारा कलेक्टर डिंडोरी श्री तोमर के साथ तेजस्विनी द्वारा संचालित गतिविधियों पर चर्चा भी की गई। साथ ही मंडला जिले में महिलाओं द्वारा किये जा रहे सब्जी उत्पादन का अवलोकन किया गया। दिनांक 01 सितम्बर को समस्त 60 फेडरेशन के पदाधिकारियों की कार्यशाला का आयोजन मोचा मंडला में किया गया। कार्यशाला में तेजस्विनी कार्यक्रम के विभिन्न घटकों की प्रगति पर प्रतिभागियों द्वारा समूह में प्रस्तुति दी गई। कार्यशाला मे राज्य इकाई से प्रबंधक व सभी जिलों के जिला कार्यक्रम प्रबंधकों ने भाग लिया। I आईफेड फॉलोअप मिशन का मध्यप्रदेश भ्रमण

तेजस्विनी जिलों में फेडरेशन सदस्यों, वीएलसी एवं सीआरपी प्रशिक्षण का आयोजन

तेजस्विनी के समस्त 06 जिलों में संघ कार्यकारिणी सदस्यों के लिए, वीएलसी सदस्यों तथा सीआरपी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रत्येक जिले में संघ कार्यकारिणी के सदस्यों के लिए उनकी भूमिका एवं उत्तरदायित्व विषय पर फेडरेशन बोर्ड मेंबर का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। विषय विशेषज्ञ ने फेडरेशन सदस्यों को उनकी भूमिका, कार्यप्रणाली, दायित्व आदि के बारे में जानकारी दी। कम्यूनिटी रिसोर्स पर्सन की समझ एवं भागीदारी से गांव के विकास, महिलाओं की समस्याओं को दूर करने एवं महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के उद्देध्य को लेकर तेजस्विनी जिलों में सीआरपी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यहां सीआरपी की नियमावली, उत्तरदायित्व, भूमिका तथा अन्य विषयों पर चर्चा हुई। तेजस्विनी छह जिलों में वीएलसी प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। वीएलसी प्रशिक्षण में गांव में स्व सहायता समूहों की भागीदारी, समूह सदस्यों के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक सशक्तिकरण के साथ ग्राम में समुदाय एवं ग्राम विकास से संबंद्ध कार्यों के निर्वहन के बारे में जानकारी दी गई। तेजस्विनी जिलों में फेडरेशन सदस्यों, वीएलसी एवं सीआरपी प्रशिक्षण का आयोजन

मौसमी बीमारियों से बचाव व रोकथाम पर क्लस्टर स्तरीय प्रशिक्षण

गांवों में मौसमी बीमारियों, डायरिया, निमोनिया, लू, मलेरिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू, खसरा, पीलिया, छोटी माता सहित अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव व रोकथाम को लेकर तेजस्विनी कार्यक्रम अंतर्गत वर्ष 2015-16 में प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया था, जिसका उद्देश्य प्रत्येक फेडरेशन की जेंडर उपसमिति के 10 सदस्यों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाकर इन प्रशिक्षकों के द्वारा ग्राम स्तर तक लोगों मे जागरूकता लाना था। प्रथम चरण के प्रशिक्षण मे 100 मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चूका हैI अब इन प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स (जेंडर उपसमिति के 10 सदस्यों) द्वारा तेजस्विनी के छह जिलों के कुल 10440 वीएलसी सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वीएलसी पर प्रशिक्षित प्रत्येक चार सदस्य गांव के स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षित एवं जागरूक करेंगे। इस प्रकार 6 जिलों के स्वसहायता समूहों के लगभग 187806 सदस्य प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। स्वसहायता समूह की प्रशिक्षित महिलाएं गांव के अन्य सदस्यों को मौसमी बीमारियों से बचाव, पोषण व स्वच्छता के विषय में जागरूक करेंगी। मौसमी बीमारियों से बचाव व रोकथाम पर क्लस्टर स्तरीय प्रशिक्षण

शौर्या दल हेतु प्रशिक्षण माड्यूल पर कार्यशाला

महिलाओं के प्रति हिंसा कम करने तथा जागरूकता बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने शौर्या दलों का गठन किया। 24 जून वर्ष 2013 में शौर्या दल का गठन पायलट तौर पर तेजस्विनी के छह जिलों मंडला, डिंडौरी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना एवं बालाघाट के ग्रामों में किया। इन ग्रामों में शौर्या दलों की सफलता को देखते हुए शासन द्वारा मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में चरणबद्ध तरीके से शौर्या दल के गठन का निर्णय लिया गया। वर्ष 2014-15 में अन्य 14 जिलों यथा भोपाल, इंदौर, देवास, उज्जैन, जबलपुर, सागर, होशंगाबाद, सीहोर, बैतूल, मुरैना, ग्वालियर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा एवं वर्ष 2015-16 में मध्यप्रदेश के समस्त 51 जिलों में शौर्या दल का गठन किया गया। प्रदेश में हर स्थान की अपनी विशेषता तथा समस्याएं हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर शौर्या दल को अपना कार्य करना है। इसलिए शौर्या दल को इस प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है, जिसमें समग्र रूप से समस्त बातों का समावेश हो। प्रदेशभर में गठित शौर्या दलों के लिए एक सुचारू प्रशिक्षण माड्यूल बनाए जाने की आवश्यकता है, जिससे उन्हें सही तरीके से प्रशिक्षित किया जा सके। प्रशिक्षण मॉड्यूल बनाने के लिए विस्तृत चर्चा हेतु दिनांक 4 जून 2016 को भोपाल के होटल पलाश में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। शौर्या दल हेतु प्रशिक्षण माड्यूल पर कार्यशाला

Joint Review Mission IX Team visited the Tejaswini districts to evaluate the ground level progress of the project

The Joint Review Mission iX team is on visit of Tejaswini districts Mandla, Dindori, Balaghat, Panna, Tikamgarh and Chatarpur, during 23-27 April 2016. The team review the status of federations, meet SHG members, access progress in implementation of the livelihood programmes and identify good practices and success stories. Joint Review Mission IX Team visited the Tejaswini districts to evaluate the ground level progress of the project

Joint Review Mission IX is on visit of Madhya Pradesh from 21 April to 5 May 2016

The Joint Review Mission iX team is on visit of Madhya Pradesh, from 21 April to 5 May 2016, led by Mr. Shreekantha Shetty, IFAD Consultant for Livelihoods, Enterprise Development and M&E, Ms Girija Srinivasan IFAD Consultant for Grassroots Institutions and Micro-finance, Mr Pratul Dube IFAD Consultant for Financial Management & Audit and Ms Meera Mishra, Programme Management, Convergence and Gender specialist. On 22nd April, the team has taken a meeting headed by Managing Director of Mahila Vitt Evam Vikas Nigam Mrs. Jayshree Kiyavat at Bhopal. Deputy Project Director Mr M.K. Chaturvedi present the progress report of the project, where SPMU and DPMU were present. From 23 APRIL to 27 April, team is visited the Tejaswini districts Mandla, Dindori, Balaghat, Panna, Tikamgarh and Chatarpur. The three members team headed by Ms Girija Srinivasan visited Mandla, Dindori and Balaghat districts. Another team headed by Mr. Shreekantha Shetty visited Panna, Tikamgarh and Chatarpur districts. Teams review the field progress of programme. The mission will broadly assess overall project progress towards its development objectives and in particular on the action and the work plan progress agreed during previous mission. Joint Review Mission IX is on visit of Madhya Pradesh from 21 April to 5 May 2016

Gender and Nutrition Workshop held at Mandla district between 23-27 November 2015

"Gender and Nutrition Workshop", held from 23 – 27 of November 2015 at one of the project operating district Mandla (Mocha). hosted by the Tejaswini Madhya Pradesh Rural Women's Empowerment Programme and organized in close collaboration between the IFAD Country Office, Headquarters Gender and Nutrition Teams, and the Asia and the Pacific Division, provides tools, approaches and methodologies to ensure that gender- and nutrition-sensitivity is fostered across sub-regional, country and project levels. Gender focal persons and representatives of 15 projects from India, Maldives, Nepal and Sri Lanka shared their experiences and enriched the communication and learning curve. The workshop provided an introduction to IFAD approaches on social targeting, nutrition, gender equality and women’s empowerment. Participants acquired tools and methodologies useful for mainstreaming gender- and nutrition-sensitivity in IFAD supported projects. The workshop also fostered knowledge sharing, South-South exchanges and learning at sub-regional, country and project levels. The Tejaswini Programme has kindly agreed to host the workshop in the project field area and also combine the workshop with one day field visit to a nearby site where women’s groups are successfully implementing a subproject on minor millets. Gender and Nutrition Workshop held at Mandla district between 23-27 November 2015

Gender Workshop held at Mandla(Mocha) on 25-26 October 2015

A "Gender Workshop" was organize at Tejaswini project operating district Mandla (Mocha) on 25-26 October 2015. In this workshop, different topics like domestic violence, gender health, livelihood, sanitation, leadership have been discussed. At the end of workshop, all the participants took oath of cleanliness, prevent female feticide and eliminate gender discrimination. Gender Workshop held at Mandla(Mocha) on 25-26 October 2015

IFAD Country Programme Evaluation in India by Main Mission (CPE)- 16th October to 20th october

The Central Project Evaluation (CPE) of IFAD, The Main Mission visited between 16th October to 20th October 2015 to evaluate the progress of Tejaswini programme. Mission evaluated the livelihood activities, varies social works done by Village Level Committees, self help groups- inter-loaning and their savings, federation and Shaurya Dals at Dindori and Mandla districts. The CPE held a debriefing with Tejaswini state team. IFAD Country Programme Evaluation in India by Main Mission (CPE)- 16th October to 20th october